Monday, June 6, 2016

341. ख़ुद को साफ़ बचा लो तुम 


ख़ुद को साफ़ बचा लो तुम
वहम न दिल में पालो तुम

मैं तो इनसे ऊब गया
मेरे ख़्वाब सम्हालो तुम

चुप सबकी मजबूरी हो
ऐसा प्रश्न उछालो तुम

अँधियारे को शरण न दे
दीपक को समझालो तुम

आने वाला है तूफ़ान
'मांझी' नाव सम्हालो तुम
                    -देवेन्द्र माँझी

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