12. मतलब ही कोई ख़ास है वरना मेरे लिये
मतलब ही कोई ख़ास है वरना मेरे लिये
इतनी भी क्यों उदास है दुनिया मेरे लिये
मुझसे है आशनाई तो इसका सबूत दें
चलकर तो आएं दूर तक तन्हा मेरे लिये
सूरज को अपने सर पे ही ढोता रहा हूँ मैं
पेड़ों के पास कब रहा साया मेरे लिये
दुश्मन भी बनके आये तो मेरा ही बनके आ
कहने को कोई तो रहे अपना मेरे लिये
तड़पन समझ सकूँ जो मैं मछली के मन की भी
"माँझी" तू जाल फेंक दे ऐसा मेरे लिये
-देवेन्द्र माँझी
शब्दार्थ-1. आशनाई=मैत्री, दोस्ती, सम्बन्ध.
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