Thursday, September 24, 2015


  214. बेसबब उनसे प्यार कैसे हुआ 


बेसबब उनसे प्यार कैसे हुआ
दिल ये बे-इख़्तियार कैसे हुआ 

मुझको जोश-ओ जुनूँ में क्या मालूम 
पैरहन तार-तार कैसे हुआ 

क्या बताएं तुम्हें ज़मीं वालो 
आस्माँ अश्कबार कैसे हुआ 

जिसमें पतझड़ क़याम करता था 
वो चमन लालाज़ार कैसे हुआ 

एक लम्हा भी किस क़दर था गराँ 
हमसे ये इन्तिज़ार कैसे हुआ 

घर से तन्हा निकालकर मुझको 
शहर ये सोगवार कैसे हुआ 

नाव मँझधार में थी जब 'माँझी' 
इस समन्दर से पार कैसे हुआ 
                              -देवेन्द्र माँझी 

शब्दार्थ--1. बे-इख़्तियार=बेक़ाबू, 2. जोश-ओ जुनूँ=दीवानगी, 3. पैरहन=लिबास, 4. अश्कबार=आँसू , 5. क़याम=निवास, 6. चमन=बाग, 7. लालाज़ार=हरा-भरा, 8. गराँ =भारी, 9. सोगवार=मातम मनानेवाला। 

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